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Thursday, December 27, 2018

Component of a Computer Networking- कम्प्यूटर नेटवर्क के अवयव- Internet kaise Work Karta hai

कम्प्यूटर नेटवर्क के अवयव-
(Component of a computer networking)
कोई कंप्यूटर नेटवर्क आई विभिन्न तत्व तथा अवयव का एलिमेंट होता है।
इनमें से कुछ प्रमुख अवयवों का परिचय नीचे दिया गया है-

1. सर्वर (Server)
यह नेटवर्क का सबसे प्रमुख तथा केंद्रीय कंप्यूटर होता है नेटवर्क के अन्य सभी कंप्यूटर सर्वर से जुड़े होते हैं सरवर की क्षमता और गति की दृष्टि से अन्य सभी कंप्यूटरों से श्रेष्ठ होता है प्रायः नेटवर्क कार्यक्रम अथवा समय डाटा सर्वोपरि रखा जाता है

2. नेटवर्क केबल(Network Cable)
जिनके बलों के द्वारा नेटवर्क के कंप्यूटर आपस में जुड़े होते हैं मुझे नेटवर्क केबल कहा जाता है सूचनाएं एक कंप्यूटर से दूसरे नेटवर्क के दूसरे कंप्यूटर तक के बलों से होकर गुजरती है इन को प्रायः बस कहा जाता है

3. (नेटवर्किंग ऑपरेटिंग सिस्टसम )Network operating system
ऐसा सॉफ्टवेयर जो नेटवर्क में एक साथ जुड़े कंप्यूटरों के बीच संबंध स्थापित करता है और उनकी भी सूचना के आवागमन को निबंध नियंत्रित करता है यह सॉफ्टवेयर सरवर में लोड किया जाता है

4. (नेटवर्क कार्ड)Network card
एक ऐसा सर्किट होता है जो नेटवर्क के ब्लॉक को कंप्यूटर से जोड़ता है इन कार्डों की सहायता से डाटा का आवागमन तेजी से होता है यह कार्ड नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक कंप्यूटर के मदर बोर्ड में लगाए जाते हैं इनको इधर नेट भी कहां जाता है

5. प्रोटोकॉल(Protocol)
वह प्रणाली जो संपूर्ण संचार प्रक्रिया में विविध डिवाइसों के मध्य सामंजस्य स्थापित करती है खूब अकाल कहलाती है प्रोटोकॉल की उपस्थिति में ही डाटा तथा सूचनाओं को प्रथक से लेकर प्राप्तकर्ता तक पहुंचाया जाता है कंप्यूटर नेटवर्क का आधार भी पूर्वकाल होता है

6. रिपीटर(Repeater)
रिपीटर ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होते हैं जो निम्न अस्तर के सिग्नल को प्राप्त करके उन्हें ऊंचा स्तर का बना कर वापस भेजते हैं इस प्रकार सिग्नल लंबी दूरियों को बिना बाधा के तय कर सकते हैं रिपीटर्स का प्रयोग नेटवर्क में कंप्यूटर को एक दूसरे से जोड़ने वाले केवल की लंबाई की बढ़ाने में क्या जाता है

7. हब(Hub)
आप का प्रयोग किस स्थान पर किया जाता है जहां नेटवर्क की सारी केवल मिलती है यह एक प्रकार का रिपीटर होता है जिसमें नेटवर्क चैनलों को जोड़ने के लिए पोरसा के होते हैं आमतौर पर एक हमें 4 8 16 तथा 24 बोर्ड लगे होते हैं एक बड़े हमें करीबन 24 कंप्यूटर को जोड़ा जा सकता है इससे अधिक कंप्यूटर जोड़ने के लिए एकत्रित आप का प्रयोग किया जा सकता है इस प्रक्रिया को दे दी चर्निंग कहते हैं

8. गेटवे(Gateway )
गेटवे कैसी डिवाइस है जिसका प्रयोग दो विभिन्न प्रकार के नेटवर्क प्रोटोकोल को जोड़ने में किया जाता है इन्हें प्रोटोकोल कनवर्टर भी कहते हैं

9. (Switch)
Switch वे हार्ड वेयर होते हैं बुटीक इन कंप्यूटरों को एक लाइन में जोड़ते हैं स्विच को आपका स्थान पर क्यों किया जाता है तथा स्विच के मध्य एक महत्वपूर्ण अंतर यह है कि हम स्वयं तक आने वाले डाटा को अपने प्रत्येक पोर्ट पर भेजता है जबकि स्विच स्वयं तक आने वाली रीटा को केवल के गंतव्य स्थान तक भेजता है

10. राउटर(Router )
राउटर का प्रयोग नेटवर्क में डेटा को कहीं भी भेजने के लिए करते हैं इस प्रक्रिया को राउटिंग करते हैं राउटर एक जंक्शन की तरह कार्य करते हैं परी नेटवर्क में एक से अधिक रूट होती है जिनके जरिए सूचनाएं अपने गंतव्य आस्थान तक पहुंच सकती हैं ऐसे में राउटर यह तय करते हैं किसी सूचना को किस रास्ते उसके गंतव्य तक पहुंचना है

11. राउटर स्विच(Router Switch)
ऐसा स्विच जिनमें राउटर जैसी विशेषताएं होती हैं राफ्टिंग से चलाते हैं रूफिंग शीट्स नेटवर्क के किसी भी कंप्यूटर तक भेजी जाने वाली सूचनाओं को पहचान कर उन्हें रास्ता दिखाते हैं

12. ब्रिज(Bridge )
बहुत छोटे नेटवर्क को आपस में जोड़ने का काम आते हैं ताकि आपस में जोड़कर एक बड़े नेटवर्क की तरह काम कर सके ब्रिज एक बड़े या व्यस्त नेटवर्क को छोटे हिस्से में बांटने का भी कार्य करता है

13.मॉडेम (Modem)
मॉडेम Analog सिग्नल को डिजिटल सिगनल्स मे तथा डिजिटल सिगनल स्कोर एनालॉग सिग्नस में बदलता है एक मैडम को हमेशा एक टेलीफोन लाइन तथा कंप्यूटर के मध्य लगाया जाता है डिजिटल सिगनल स्कोर एनालॉग सिगनल में बदलने की प्रक्रिया को माड्यूलेशन तथा एनालॉग सिग्नल को डिजिटल सिगनल में बदलने की प्रक्रिया को डेमाड्यूलेशन कहते हैं

14. नॉड (Node)
सर्वर के अलावा नेटवर्क के अन्य सभी कंप्यूटरों को नोट कहा जाता है कि वे कंप्यूटर होते हैं जिन पर उपयोगकर्ता कार्य करते हैं प्रत्येक नोट का एक निश्चित नाम और पहचान होता है कहीं लोड अधिक शक्तिशाली होते हैं ऐसे नोटों को पराया वर्क स्टेशन कहां जाता है नोटों को प्रायः क्लाइंट भी कहा जाता है 

कम्प्यूटर नेटवर्क के अवयव-
(Component of a computer networking)
कोई कंप्यूटर नेटवर्क आई विभिन्न तत्व तथा अवयव का एलिमेंट होता है।
इनमें से कुछ प्रमुख अवयवों का परिचय नीचे दिया गया है-

1. सर्वर (Server)
यह नेटवर्क का सबसे प्रमुख तथा केंद्रीय कंप्यूटर होता है नेटवर्क के अन्य सभी कंप्यूटर सर्वर से जुड़े होते हैं सरवर की क्षमता और गति की दृष्टि से अन्य सभी कंप्यूटरों से श्रेष्ठ होता है प्रायः नेटवर्क कार्यक्रम अथवा समय डाटा सर्वोपरि रखा जाता है

2. नेटवर्क केबल(Network Cable)
जिनके बलों के द्वारा नेटवर्क के कंप्यूटर आपस में जुड़े होते हैं मुझे नेटवर्क केबल कहा जाता है सूचनाएं एक कंप्यूटर से दूसरे नेटवर्क के दूसरे कंप्यूटर तक के बलों से होकर गुजरती है इन को प्रायः बस कहा जाता है

3. (नेटवर्किंग ऑपरेटिंग सिस्टसम )Network operating system
ऐसा सॉफ्टवेयर जो नेटवर्क में एक साथ जुड़े कंप्यूटरों के बीच संबंध स्थापित करता है और उनकी भी सूचना के आवागमन को निबंध नियंत्रित करता है यह सॉफ्टवेयर सरवर में लोड किया जाता है

4. (नेटवर्क कार्ड)Network card
एक ऐसा सर्किट होता है जो नेटवर्क के ब्लॉक को कंप्यूटर से जोड़ता है इन कार्डों की सहायता से डाटा का आवागमन तेजी से होता है यह कार्ड नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक कंप्यूटर के मदर बोर्ड में लगाए जाते हैं इनको इधर नेट भी कहां जाता है

5. प्रोटोकॉल(Protocol)
वह प्रणाली जो संपूर्ण संचार प्रक्रिया में विविध डिवाइसों के मध्य सामंजस्य स्थापित करती है खूब अकाल कहलाती है प्रोटोकॉल की उपस्थिति में ही डाटा तथा सूचनाओं को प्रथक से लेकर प्राप्तकर्ता तक पहुंचाया जाता है कंप्यूटर नेटवर्क का आधार भी पूर्वकाल होता है

6. रिपीटर(Repeater)
रिपीटर ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होते हैं जो निम्न अस्तर के सिग्नल को प्राप्त करके उन्हें ऊंचा स्तर का बना कर वापस भेजते हैं इस प्रकार सिग्नल लंबी दूरियों को बिना बाधा के तय कर सकते हैं रिपीटर्स का प्रयोग नेटवर्क में कंप्यूटर को एक दूसरे से जोड़ने वाले केवल की लंबाई की बढ़ाने में क्या जाता है

7. हब(Hub)
आप का प्रयोग किस स्थान पर किया जाता है जहां नेटवर्क की सारी केवल मिलती है यह एक प्रकार का रिपीटर होता है जिसमें नेटवर्क चैनलों को जोड़ने के लिए पोरसा के होते हैं आमतौर पर एक हमें 4 8 16 तथा 24 बोर्ड लगे होते हैं एक बड़े हमें करीबन 24 कंप्यूटर को जोड़ा जा सकता है इससे अधिक कंप्यूटर जोड़ने के लिए एकत्रित आप का प्रयोग किया जा सकता है इस प्रक्रिया को दे दी चर्निंग कहते हैं

8. गेटवे(Gateway )
गेटवे कैसी डिवाइस है जिसका प्रयोग दो विभिन्न प्रकार के नेटवर्क प्रोटोकोल को जोड़ने में किया जाता है इन्हें प्रोटोकोल कनवर्टर भी कहते हैं

9. (Switch)
Switch वे हार्ड वेयर होते हैं बुटीक इन कंप्यूटरों को एक लाइन में जोड़ते हैं स्विच को आपका स्थान पर क्यों किया जाता है तथा स्विच के मध्य एक महत्वपूर्ण अंतर यह है कि हम स्वयं तक आने वाले डाटा को अपने प्रत्येक पोर्ट पर भेजता है जबकि स्विच स्वयं तक आने वाली रीटा को केवल के गंतव्य स्थान तक भेजता है

10. राउटर(Router )
राउटर का प्रयोग नेटवर्क में डेटा को कहीं भी भेजने के लिए करते हैं इस प्रक्रिया को राउटिंग करते हैं राउटर एक जंक्शन की तरह कार्य करते हैं परी नेटवर्क में एक से अधिक रूट होती है जिनके जरिए सूचनाएं अपने गंतव्य आस्थान तक पहुंच सकती हैं ऐसे में राउटर यह तय करते हैं किसी सूचना को किस रास्ते उसके गंतव्य तक पहुंचना है

11. राउटर स्विच(Router Switch)
ऐसा स्विच जिनमें राउटर जैसी विशेषताएं होती हैं राफ्टिंग से चलाते हैं रूफिंग शीट्स नेटवर्क के किसी भी कंप्यूटर तक भेजी जाने वाली सूचनाओं को पहचान कर उन्हें रास्ता दिखाते हैं

12. ब्रिज(Bridge )
बहुत छोटे नेटवर्क को आपस में जोड़ने का काम आते हैं ताकि आपस में जोड़कर एक बड़े नेटवर्क की तरह काम कर सके ब्रिज एक बड़े या व्यस्त नेटवर्क को छोटे हिस्से में बांटने का भी कार्य करता है

13.मॉडेम (Modem)
मॉडेम Analog सिग्नल को डिजिटल सिगनल्स मे तथा डिजिटल सिगनल स्कोर एनालॉग सिग्नस में बदलता है एक मैडम को हमेशा एक टेलीफोन लाइन तथा कंप्यूटर के मध्य लगाया जाता है डिजिटल सिगनल स्कोर एनालॉग सिगनल में बदलने की प्रक्रिया को माड्यूलेशन तथा एनालॉग सिग्नल को डिजिटल सिगनल में बदलने की प्रक्रिया को डेमाड्यूलेशन कहते हैं

14. नॉड (Node)
सर्वर के अलावा नेटवर्क के अन्य सभी कंप्यूटरों को नोट कहा जाता है कि वे कंप्यूटर होते हैं जिन पर उपयोगकर्ता कार्य करते हैं प्रत्येक नोट का एक निश्चित नाम और पहचान होता है कहीं लोड अधिक शक्तिशाली होते हैं ऐसे नोटों को पराया वर्क स्टेशन कहां जाता है नोटों को प्रायः क्लाइंट भी कहा जाता है 
Component of a Computer Networking- कम्प्यूटर नेटवर्क के अवयव- Internet kaise Work Karta hai

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